Friday, June 26, 2009

हर सुबह लेकर आती है,
एक नया पैगाम ,
कुछ नयी उलझनें ,तो
कुछ नएसमाधान भी,
कुछ नयी खुशियाँ ,
कुछ भूले हुए गम भी,
देकर जाती है ,एक नयी
पहचान ,हमारी अपनेआप से
न जाने कितने नए ख्वाब संजोकर ,
जाती है,हर सुबह,और हर शाम।

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