Saturday, June 20, 2009

सूर्य का समय से उदय होना,
और अस्त हो जाना,
मौसम के अनुसार फूलों का खिलना,
और मुरझा जाना,
पंछियों के झुंडों का एक दिशा में जाकर,
शाम होते ही लौट आना,
सर्दी,गर्मी,और बरसात का पारी
बदल -बदल कर आना-जाना,
प्रकृति का कैसा लयऔर ताल है,
प्रभु ने रचा,अदभुत मायाजाल है.

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