कभी कुछ पल के लिए,ख़ुद से दूर होकर,
किसी गरीब के झोंपडे में झाँककर देखो,
थोड़ा सा दर्द, उसके हिस्से का तुम,
अपने दिल से महसूस करके देखो,
उसकी बेबस आंखों से ,कुछ आंसू ,
कुछ देर के लिए ,चुराकर तो देखो,
कभी सच्चे दिल से ,किसी जरूरतमंद ,
के ,तुमकाम आकर तो देखो।
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