**Ritu Jain**
"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Friday, May 29, 2009
शाम होते ही,सुबह अलविदा कहकर
जाने लगी
परिंदे अपने अपने घोंसलों की ओर
बढ चले
मन के तार फिर से याद करके तुम्हे
बजने लगे
इंतज़ार के लम्हे हमे फिर से बोझिल
लगने लगे।
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