"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Thursday, May 7, 2009
याद आती है ,तुम्हारी बहुत कहाँ से बुलाऊं तुम्हे , याद सताती है ,तुम्हारी बहुत कहाँ से लाऊँ तुम्हे, नाराज़ होकर दूर न जाना तुम, हर वादा अपना ,निभाना तुम, वरना,ये बहते आंसू कभी न रुकेंगे , दूर रहकर तुमसे ,हम अब जी न सकेंगे।
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