**Ritu Jain**
"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Sunday, April 12, 2009
स्वागत
करो
बाहें
फैलाकर
हर
नई
सुबह
का
,
स्वागत
करो
बाहें
फैलाकर
हर
नए
मौसम
का
,
स्वगत
करो
,
पंछियों
और
बहारों
का
,
स्वगत
करो
,
सूरज
,
चाँद
,
तारों
का
.
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