Monday, April 13, 2009

आँखें बरसती है, दिल तरसता है, तुझसे मिलने को
क्यों छोड़ गया तू ,पल पल इंतज़ार करने को ,
ज़िन्दगी की डगर पर चलना कठिन है बहुत,
तुम बिन ...............
मेरे देखे हुए ख्वाब कभी हकीक़त न बन पायेंगे,
तुम बिन !!!!

No comments:

Post a Comment