प्यार देने से ही,मिलता है प्यार ज़माने में ,
सच्चाई जिसकी,
परखनी पड़ती है,दिल के पैमाने में,
प्यार अपनों का,
कभी-कभी महका देता है तन-मन को,
और कभी छलनी कर जाता मन को,
हम रह जाते हैं,कभी- कभी प्यासे सागर में रहकर
खिल उठता है मन किसी के प्यार की छाँव में रहकर ,
रोने लगता है कभी-कभी ये भावनाओं में बहकर। ,
प्यारी कविता है.
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