Friday, April 3, 2009

सावन का पहला बादल जगाता है नए अरमान ,
आशाओं की बहुत ऊंची है उड़ान,
सागर की लहरें बदलती है करवटें हर पल,
हर लम्हां जीना चाहता है मेरा कौतूहल |

2 comments:

  1. हाँ, पर सावन आने में तो अभी टाइम है?

    बाजू की कलाकृति बहुत ही आकर्षित करती है. सोचने को बाध्य करती है.

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  2. पर, अभी तो सावन आने में देर है?

    बाजू की कलाकृति आकर्षित करती है. सोचने को बाध्य करती है.

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