"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Sunday, March 29, 2009
रिश्ते कच्चे धागों की तरह नाज़ुक और कमज़ोर होते हैं, ढीला छोड़ो तो बेमानी , और ज्यादा खीचने से टूटने लगते हैं, वैसे तो रिश्तो में बंधकर जीते हैं सभी, विरले हैं जो इनका अर्थ समझ पाते हैं कभी |
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