About Ritu Jain!

New Delhi, India
I am Ritu Jain,48 years and happily married . I live in Delhi. A Housewife who is a Psychology Hons. Graduate and wants to bring cheer and smile to every person who does not have one.Being creative is my lifeline. I am very happy today that I have launched my own Blog, to share my poems,thoughts,experiences and various colors in my life.

Friday, February 5, 2010

रात को करो विदा,
और सुबह का उजाला आनो दो,
अपने दुर्विचारों को संयम से काबू करो,
अपने सुविचारों को हर दिशा में प्रकाश फैलाने दो,
इस चार दिन की जिंदगी में,ऐसे कर्म कर चलो,
मरने के बाद,दूसरों को अपने लिए आंसू बहाने दो|
Every day should be started with a determination to lookout for people needing help,and if we do not get a 'Thank You',never mind.Let us smile on,and do our next bit of help-work more heartily than ever.

काश वो मोति से लम्हे,
सहेज कर रख पाते हम सदा के लिए,
बात-बात पर तुम्हारा फूलों सा हँसना,
आँखों में तुम्हारी तारों सी झिलमिलाहट,
न जाने कैसे हो जाती थी,तुम्हे हमारे आने की आहट,
चुपके-चुपके 
तुम्हारी साँसें बहुत कुछ कह जातीं थी,साँसों से हमारी,
कोई भी राज़ राज़ न रहने दिया,कभी आँखों ने हमारी|

Thursday, February 4, 2010

Be openly happy in the joy of others.Be sincerely sympathetic in other's sorrow.This is the true joy.
When you miss your wish,expand your vision and rise above the wish.Surely you will end up getting more than what you had wished for.
ठान ले मन में गर,तो क्या नहीं कर सकता इंसान,
ज़मीन तो क्या,वो अपने हौंसलों से छू सकता है आसमान,
हर हार को अपनी,जीत में बदल सकता है वो,
हर शूल को हटाकर डगर से,चल सकता है वो,
सूझ-बूझ से अपनी,वैर को बदल सकता प्रेम में,
इस धरती की तस्वीर बदल सकता है वो|

Wednesday, February 3, 2010

Bad moments of life are as important as the good moments,nay,they are more important.You may be one of the losers but never lose your heart.The best thing you can do when you lose is to look victorious.This way you can turn losses into gains and make yourself more envious,than the winner.
स्वागत करो,बाहें फैलाकर हर नई सुबह का,
स्वगत करो,बाहें फैलाकर हर नए मौसम का,
स्वगत करो,बाहें फैलाकर पंछियों और बहारों का,
स्वागत करो,बाहें फैलाकर सूरज,चाँद,और तारों का|

Tuesday, February 2, 2010

याद कभी तो आती होगी,मेरी तुम्हे
पुकारतें होंगे,कभी तो साथ बिताये हुए लम्हे,
एक मीठी सी कसक,बादल जगाता होगा कड़ककर,
गुदगुदी सी कर जाती होगी,ठंडी पवन तुम्हे छूकर,
याद कभी तो आती होगी........
कहने को तो यह जीवन ,
सुख-दुःख का मेला है,
हर बशर इस भीड़ में,
बिलकुल अकेला है,
कोई गिले-शिकवे 
करने वालों के पास नहीं आता,
जीवन में सदा हँसते-हंसाते रहो,
दूसरों से प्यार पाने के लिए,
अपना प्यार सदा लुटाते रहो|

Monday, February 1, 2010

Do something for somebody,somewhere,
while jogging along life's road,
Help someone to carry his burden,
and lighter will grow your load.
यादों ने तुम्हारी,आशियाना बना
लिया है हमारे दिल और आँखों को,
हर प्यार में डूबे हुए,लम्हे की
भूली-बिसरी दास्ताँ सुनाया करतें हैं,इनको
और हम,सब कुछ भूल कर बस जिए जा रहें हैं,
खुद को खोकर,उन बीते हुए अनमोल पलों को|

Saturday, January 30, 2010

जिसके पास कुछ नहीं  है,उसे 
अक्सर हँसते-हंसाते देखा,
 जिसके पास सब कुछ है,उसे
अक्सर बेवजह रोते देखा,
सागर के पास रहने वालों को,
अक्सर प्यासा देखा,
आँखों वालों को अक्सर लडखडाते देखा,
भगवान् तेरी बनाई हुई कठपुतलियों का,
नित नया तमाशा देखा|
पता नहीं क्यों,जीने के लिए
दिल को धड़कने  का बहाना चाहिए,
हकीक़त में बदले न बदले,
आँखों में एक स्वप्न सलोना चाहिए,
संगीत हो न हो जीवन में,
होठों पर कोई न कोई तराना होना चाहिए|
In order to achieve the goal of life,there is no alternative but to follow the righteous path."Be ye harmless like a dove,but wise as a serpent".

Friday, January 29, 2010

फूलों की सेज जैसी लगती है जिंदगी,
अगर हमसफ़र का साथ हो जीवन में,
तपती रेत सी बनकर चुभती है,जिंदगी 
अगर हमसफ़र का साथ न हो जीवन में,
जीने का सहारा,खुद हमसफ़र हो तो,
खुशियों की बरसात सी लगती है जिंदगी|
बेरुखी कभी-कभी कितना रुलाती है,
अपनों की,
बेरुखी कभी-कभी कितना सताती है,
अपनों की,
जीवन का एक नया रंग दिखाती है बेरुखी,
अपनों के नए चेहरे दिखाती है बेरुखी|
Love is a matter of profound tender feelings,of intensely warm sentiments and of refined sensibilities and attitudes.When it flows spontaneously,it is transformed into service,its quality being determined by the temprament of persons moved to feel for each other.
पतंगें तो डोर के साथ-साथ आसमानों 
में विचरण करतीं हैं,
इच्छाएँ बिन डोर के ही आसमानों 
को छूने का दम भरतीं हैं,
पतंग उड़ाने वाले वाले के हाथों में
उनकी लगाम होती है,
इच्छाएं तो बस बेलगाम ही उड़ा करती हैं|

Thursday, January 28, 2010

It is up to us whether we create a heaven by helping each other or a hell by thinking of ourselves only.

मुस्कराहट एक,दूरियां हज़ार कम करती है,
मुस्कराहट एक,कई दिलों को जोड़ती है,
मनमोहक हो यदि मुस्कराहट,दिल के फूल 
खिलाती है,
सच्ची हो यदि मुस्कराहट,गम न जाने कितने
हर  लेती है|

Wednesday, January 27, 2010

दर्पण कहना चाहता है,बहुत कुछ
तुझसे ऐ इंसान,
दर्पण झूठ नहीं कह पाता है,कभी
भेद नहीं रखता है,किसी से कभी,
जो जैसा होता है,वैसा ही
यह सच उससे कहता है,
तन का दाग,दिख जाता दर्पण में,
कोई दाग अगर हो मन में,यह उसको 
भी बताता है,
दर्पण झूठ नहीं कहता है.....

A man must have so much balance,so much wisdom that he can withstand all the onslaughts of life.

Tuesday, January 26, 2010

सपना बन कर पलते हैं,बच्चे 
माता-पिता की आँखों के,
अपना सारा जीवन समर्पित करते हैं,
माता-पिता बच्चों के लिए,
अधिकतर बच्चे,माता-पिता की 
भावनाओं का सम्मान नहीं करते,
करते-करते माता-पिता तो अपनी औलाद 
के लिए,मर जातें हैं,
और बच्चे अपने माता-पिता को कुछ पल 
सच्ची ख़ुशी के दे नहीं पाते हैं| 

Monday, January 25, 2010

काँटों से भरी हैं जीवन की राहें,
सार्थक जीवन जीना नहीं आसान,
कहीं बेशुमार उलझनें हैं,किसी के जीवन में 
तो कहीं जीवन बन चुका है,स्वंय एक उलझन,
दुखों और कठिनायों से गुज़रकर ही,
सीख पाता है,जीवन का सही अर्थ इंसान|

 
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