About Ritu Jain!

New Delhi, India
I am Ritu Jain,48 years and happily married . I live in Delhi. A Housewife who is a Psychology Hons. Graduate and wants to bring cheer and smile to every person who does not have one.Being creative is my lifeline. I am very happy today that I have launched my own Blog, to share my poems,thoughts,experiences and various colors in my life.

Monday, December 14, 2009

रिश्ते कच्चे धागों की तरह,
नाज़ुक और कमज़ोर होते हैं,
ढीला छोड़ो तो बेमानी,ज्यादा 
कसो तो टूटने लगतें हैं,
जन्म से मृत्यु तक बाँध के 
रखतें हैं हर इंसान को,
शायद,रिश्ते तो निभातें हैं सभी
पर विरले ही,
इसके सही मायने समझ पाते हैं कभी|

Do not react when there is conflict,it is important not to get carried away by emotions.

We should always be aware of emotions like anger and anxiety.These emotions waste energy and are not helpful.

Sunday, December 13, 2009

कभी किसी गरीब की झोंपड़ी में 
तो झांककर देखो,
कुछ पल के लिए ही सही,उसके 
दुःख-दर्द उधार लेकर देखो,
उसकी गरीबी से बोझिल आँखों,की
बेबसी को महसूस करने की सोचो,
उसके फटे पैबन्दों से,उनकी हताश
जिंदगी की विवशता को समझो,
कभी सच्चे मन से,किसी गरीब-जरूरतमंद
के काम आकर तो देखो,
कभी किसी गरीब की झोंपड़े.....

Conversations are a important way of building relationships,they could be silent or expressed vocally.
सागर की गहराई से भी गहरी हैं तुम्हारी आँखें,
जिनमें हमें प्यार के सिवा कुछ दिखाई नहीं देता,
क्या करें,दिल ने हमारे हमें कर दिया  इतना मजबूर,
अनगिनत चेहरों में,तुम्हारे चेहरे के सिवा कोई दिखाई नहीं देता|
Kind words can be short and easy to speak,but their echoes are truly endless.

Saturday, December 12, 2009

Every time you smile at someone,it is an action of love,a gift to that person,a beautiful thing.
जीना आया किसे यहाँ,
कोई रोता रहा उम्रभर,तो कोई रुलाता रहा,
कोई प्यार को तरसता रहा उम्रभर,
तो कोई लुटाता रहा उसे सबपर,
कोई रहा सागर में रहकर भी,प्यासा रहा,
कोई अपने ही गम में डूबा रहा,
तो कोई दूसरों के कष्टों को दूर करने में लगा रहा,
किसी को जीना सीखकर भी जीना नहीं आया,
तो कोई दूसरों को जीना सिखाता रहा उम्रभर|

Friday, December 11, 2009

दोस्ती सच्ची हो गर,तो
वरदान बनकर जीवन संवारती है,
दोस्ती,इंसान की पहचान बनकर,
उसे न जाने कितनी मुश्किलों से उबारती है,
सच्चे दोस्त तो,दिल की गहराइयों में उतरकर,
दर्द सभी,मिटाने का दम रखते हैं,
वो तो जीवन में,अनमोल हीरे-मोतियों की तरह 
झिलमिलाकर,रोशन दिल का गुलशन करते हैं|



Sometimes pleasant memories of the past,give strength to face the present.
विपत्ति में भी जिसकी बुद्धि कार्यरत रहती है,वही धीर है|

आदमी को अपने को धोखा देने की शक्ति दूसरों को धोखा देने की शक्ति से कहीं अधिक है|इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण हरेक समझदार व्यक्ति है|

Thursday, December 10, 2009


पंछियों का हौंसला होता है,बहुत बुलंद,
वे टकराने की हिम्मत रखते हैं,
किसी भी तूफ़ान से,
अपने नन्हे-नन्हे पंखों से,
फासले दूर-दूर के तय कर जातें हैं वो,
पंछियों का गहरा नाता होता है आसमान से,
न जाने कितनी कठिनाइयों का सामना करते हैं अपने मनोबल से|
दूसरों की आशंकाओं के चलते अपने भरोसे को भ्रमित नहीं होने देना चाहिए |
गलती हो जाना सहज है ....पर दोहराए रखना मूर्खता है|

Your strength may waver at times you need it most.But don't falter,Instead be brave and solve your problems,no matter how difficult they seem.Take right decisions at the right time,find or else create the right solutions for your problems.


प्रयत्न करते रहो,
सदा दूसरों के काम आने की,
सदा प्रेम की भावना फैलाने की,
किसी का दर्द को कम करने की,
सन्मार्ग पर चलने के निरंतर प्रयत्न करने की,
दूसरों की बुराइयां देखने से पहले,
खुद की बुराइयां देखने और दूर करने की,
अपना प्यार देकर,दूसरों का प्यार पाने की,
मीठी वाणी बोलकर,दूसरों का कष्ट दूर करने की,
खुशियाँ बांटकर,औरों में,सदा खुश रहने की|






परमात्मा का नाम एक ऐसी अचूक औषधि है,जो कामनाओं तथा चिंताओं से मुक्त करके मनुष्य को सुख-शान्ति प्रदान करती है|

Success,failure,trials,pleasure and pain help our growth.

A journey of thousand miles starts with a single step.

Wednesday, December 9, 2009

जीवन नाम है,कुछ पाने और कुछ खोने का,
कहीं थोड़ी सी उम्मीद और आशा,
तो कहीं थोड़ी सी निराशा भी,
कभी खिलती है खुशियों की धूप,
तो कभी मिलती है ग़मों की छाँव भी,
निराश न हो प्राणी,
जीना-मरना तो उसके हाथ है,
हार-जीत अंतिम दाँव नहीं|

Those who bring the sunshine of happiness to others cannot keep it away from themselves.

ठंडी हवा बहती है धीरे-धीरे,
ठंडी हवा कुछ कहती है,
कानों में धीरे-धीरे,
कितना सुकून देती है मन को,
ठंडक कितनी देती है तन को,
पूछा मैंने,रहती हो कहाँ?
इठलाती हुई बोली,
तुम जहाँ जाओगी,
मुझे वहाँ पाओगी|

Tuesday, December 8, 2009

Take off all your Envies,Jealousies,Unforgiveness,Selfishness and Fears.You will find problems in life are not so difficult as they seem to be.

 
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