समझाना बहुत मुश्किल होता है,
ख़ुद को,जब पीड़ा में होतें हैं हम,
अति शीघ्र,द्रवित होते हैं,
अपने ज़ख्मों को देखकर हम,
कभी-कभी किसी का सुख भी,
कारण बनने लगता है,किसी के दुःख का,
इंसान जब स्वार्थवश,भूलने लगता है
उचित-अनुचित का फर्क और ऊपरवाले की कृपा।
About Ritu Jain!
- Ritu Jain " Mystic Colors Of Life"
- New Delhi, India
- I am Ritu Jain,48 years and happily married . I live in Delhi. A Housewife who is a Psychology Hons. Graduate and wants to bring cheer and smile to every person who does not have one.Being creative is my lifeline. I am very happy today that I have launched my own Blog, to share my poems,thoughts,experiences and various colors in my life.
Saturday, September 19, 2009
Friday, September 18, 2009
Thursday, September 17, 2009
Wednesday, September 16, 2009
Tuesday, September 15, 2009
Monday, September 14, 2009
दस्तक देता है ,हर किसी का नसीब कभी न कभी,
यह और बात है,इस तरफ़ कितना ध्यान देता है कोई ,
जो कर्मवीर होते हैं,वही सुनते हैं,वक़्त की आवाज़,
सत्कर्म करके,संवारते है अपना और दूसरों का नसीब,
कुछ लोग तो सोचते ही रहते हैं,कुछ नहीं करते ,
दोष देतें है दूसरों को,अपनी विफलताओं का,
गिले-शिकवों की दुनिया से बाहर,कभी नहीं निकलते।
यह और बात है,इस तरफ़ कितना ध्यान देता है कोई ,
जो कर्मवीर होते हैं,वही सुनते हैं,वक़्त की आवाज़,
सत्कर्म करके,संवारते है अपना और दूसरों का नसीब,
कुछ लोग तो सोचते ही रहते हैं,कुछ नहीं करते ,
दोष देतें है दूसरों को,अपनी विफलताओं का,
गिले-शिकवों की दुनिया से बाहर,कभी नहीं निकलते।
Sunday, September 13, 2009
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