About Ritu Jain!

New Delhi, India
I am Ritu Jain,48 years and happily married . I live in Delhi. A Housewife who is a Psychology Hons. Graduate and wants to bring cheer and smile to every person who does not have one.Being creative is my lifeline. I am very happy today that I have launched my own Blog, to share my poems,thoughts,experiences and various colors in my life.

Sunday, March 29, 2009

कहाँ हैं मन का मीत मेरा ,
जो गुनगुनाया वोह गीत मेरा,
बचपन से प्यार था दिल में तुम्हारे लिए,
इज़हार कभी जुबां पर आया तुम्हारे लिए|
रिश्ते कच्चे धागों की तरह नाज़ुक और कमज़ोर होते हैं,
ढीला छोड़ो तो बेमानी , और ज्यादा खीचने से टूटने लगते हैं,
वैसे तो रिश्तो में बंधकर जीते हैं सभी,
विरले हैं जो इनका अर्थ समझ पाते हैं कभी |

My Past Year's Experience in these very Days!!

Day 2 : 29th March,2008 Place : Max Hospital

[29th March,2008 ]" हस्पताल में मेरा दूसरा दिन, हाथ में ड्रिप लगी थी | दर्द के मारे आधी रात तकमुझे नींद नही आई | सुबह पाँच बजे नींद खुल गई | यह कैसी सुबह थी , चिड़ियों कि आवाजें , मेरे आस पास कि हरियाली मेरा प्यारा कुत्ता - सीज़ू | कुछ अधूरी सुबह थी यह, एक अजीब सी बेचैनी लिए हुए | फ़िर मैंने एक भजन गया ' भूर्भवः .....' की टेप सुनी | मेरा मन स्थिर हो गया और प्रसन्न भी | शाम कोअपने माता पिता को मिलकर मुझे जैसा सारा जहाँ मिल गया| मैं भगवान् कि बहुतशुक्रगुजार हूँ कि वह मुझ पर इतना मेहरबान हैं |

Saturday, March 28, 2009

My Past Year's Experience in these very Days!!

[28th March,2008 ]I am very happy and thankful to God , the Doctors...and my Family...who helped me to recover and recuperate from my Typhoid and Dengue Fever,,,exactly a year back in 2008.....I am sharing some moments from that forgettable time in my life....

( All the incidences are in present tense,as they are directly taken from Diary entries)


Day 1 : 28th March,2008 Place : Max Hospital

""हस्पताल के लंबे गलियारे में व्हीलचेयर पर बैठी हूँ मैं, विश्वास नही होता ! मेरे पीछे वार्ड बॉय चल रहा था | ऐसालग रहा था कि जैसे धरती कि पूरी तस्वीर ही बदल गई हो| दुःख से करहाते देखे कई लोग , कुछ लहू से लथपथ भी , लोगों कि चीखे और आहें मुझे परेशान कर रही थी| फिर मैंने सोचा कि शायद भगवान् ने मुझे मेरे सुखों और सुविधाओं को याद दिलाने के लिए यहाँ भेजा है, जो हम अक्सर भूल जाते हैं|""


My Lovely Pet Dog ...Cizu...



I,have a lovely and darling Dog...Cizu...without whom the sun does not rise, nor it sets.Oh!! What a wonderful creature..He gives love to everybody and receives much more.Cizu rules everybody's Heart in our House.The most we talk about each other is him. He is a noble gentle soul who loves all.May God Bless him.!!

But no mistake guys and gals...he can rip apart anyone too!!!Have a look!!
Life Gives...Life Teaches...Life Loves
Nature Bestows...Nature Showers...Nature Blesses
Flowers Bloom....Flowers Love.....Flowers Rejoice...
Rain Replenishes.....Rain showers happiness...Rain Harvests
Fire Creates...Fire Moulds....Fire Destroys..
आस पास तुम्हारे कहीं फूल खिलें हैं ,कहीं धूप ,
निहार सको तो निहारो इस प्रकृति का सुंदर रूप|
आँसू होते हैं खामोशी की जुबां ,
आँसू बिन कहे सब कुछ कर देते हैं बयान ,
आँसू हर गम में अपने आप निकल आते हैं,
आँसू खुशियों में ख़ुद ही छलक जाते हैं,
आँसू दर्दे दिल का हिस्सा बन जाते हैं,
आँसू अक्सर हाल दिल का किस्सा बन जाते हैं,
आँसू वक्त देखते हैं, जगह,
बस निकल जाया करते हैं|

Friday, March 27, 2009

फूल चुनकर बहारों से हमने ,
सजाया है ज़िन्दगी का गुलिस्तान अपना
कलियाँ चुनकर चमन से हमने ,
सजाया है ज़िन्दगी का गुलिस्तान अपना
रंग चुनकर इन्द्रधनुष से हमने ,
सजाया है ज़िन्दगी का गुलिस्तान अपना मोंती चुनकर
सागर से हमने सजाया है ज़िन्दगी का गुलिस्तान अपना
ओस की नन्ही बूंदे पत्तों से चुनकर हमने ,
सजाया है ज़िन्दगी का गुलिस्तान अपना,
मुस्कान देकर, मुस्कान लेकर, हमने,
सजाया है ज़िन्दगी का गुलिस्तान अपना |
मन भागता फिरता है दूर गगन की छाँव में,
टिके तो समझाऊं उसे , जीने का राज़ बताऊँ उसे,
तारों की चमक देख कर,मेरे मन में जागी है ललक,
मैं भी आसमान का एक तारा बन जाऊं,
पर इस दीवाने मन को कैसे समझाऊँ मैं,
जीने का राज़ कैसे बताऊँ मैं |
हर सुबह की प्रतीक्षा करते हैं,रात आने के बाद,
बहार की प्रतीक्षा करते हैं , पतझड़ आने के बाद,
मेरा मन सिर्फ़ तुम्हे पुकार रहा है,
आसमान में इन्द्रधनुष छा जाने के बाद|
ज़िन्दगी में कुछ ऐसे लोग भी आते हैं,
जिन से कुछ ऐसा सम्बन्ध हो जाता है,
जो लाख चाहने पर भी तोड़ा नही जाता है,
कहने को तो,
हर आने वाला चला जाता है ,
पर कुछ जाने वाले बेशक,
मूक होकर जाते हैं, फिर भी,
एक गहरी याद दिल में छोड़ जाते हैं|
सपने बुनते रहे कहानियाँ सुनाते रहे,
हम हँसते रहे, सबको हँसाते रहे,
चुपके चुपके रोते रहे ,
और अपने आँसू छुपाते रहे,
क्यों ...हम अपना हाले दिल,
ख़ुद को सुनाते रहे,
मुस्कराहट देखने को तुम्हारे चेहरे की,
हम सदा यूँ ही मुस्कुराते रहे|
A Religious person is one, who contributes to the world,
some beauty,Some Joy,Some Happiness
and some celebrations which were not there,,
Something New,Something Fresh..,Some more Flowers.

Thursday, March 26, 2009

Count your many blessings,
Name them one by one
Count your many blessings,
see what God has done,
When you look at others,
With their Land and Gold,
Think that God has promised you his wealth untold,
Count your many blessings,
Money cannot buy,
Your reward in heaven,
Nor, Your Home on High !!


(A carol from my childhood)
जाने कहाँ छूट गया वोह बचपन ,
एक पक्षी सी उन्मुक्त उड़ान ,
एक कली सी कोमल मुस्कान ,
एक फूल से हँसती पहचान,
एक नदी सा निर्मल बहाव ,
अपने संगी साथियों से लगाव,
ना जाने क्यों बीत गए वोह दिन,
क्यों आख़िर क्यूँ, छूट गया मेरा बचपन|
ज़िन्दगी छोटी हो मगर ,
जीने का तरीका होना चाहिए,
बात बेसलीका हो अगर ,
कहने का सलीका चाहिए|
टूटने मत दीजिये सम्बन्ध, प्यालों की तरह
आंच देंगे सर्द हवाओं में दुशालों की तरह ,
कापती लौ की तरह, जलकर बुझे , बुझकर जले,
वो , जिन्हें तमन्ना थी जलने की मशालों की तरह|
वक्त पे काम जाए, मीत वही है,

खुश करदे मन को, संगीत वही है,

दिल से जो निकले , गीत वही है ,

दिल से दिल को जोड़ दे, प्रीत वही है|

शाम हो गई सवेरा जाने के बाद,
दिन ढलने लगा सूरज के आने के बाद,
मुझे इंतज़ार रहता है तुम्हारे आने का,
पूरा होगा शायद मेरी जान जाने के बाद,
तुमने मुझे दीवाना बना दिया अपना,
तभी तो, कुछ नही सूझता तुम्हारे आने के बाद|
अक्सर यादें और लहरे तूफ़ान उठाती हैं ,
अक्सर यादें और लहरें मुझे बहुत रुलाती हैं,
लहमें जो बिताये तुम्हारे संग ,
मेरी यादों में मोंती कि तरहां चमकते हैं,
बेचैन पल तुम्हारे बिना हस्ते रोते हैं|

Wednesday, March 25, 2009

A Smiling face, Words of Comfort,Compassionate Looks,

All these are also Meditation.
Kindness is a language which ,

the Deaf can Hear and the Blind can see.
Some People Cause Happiness wherever they go.....

...Others Whenever they, Go.

ठंडी हवा इठलाती हुई बहती है धीरे धीरे ,
हँसती हुई
बलखाती हुई बहती है धीरे धीरे,
छूकर दिखाओ मुझे कहती है धीर धीरे,
पूछा मैंने रहती हो कहाँ ,
बोली वो जहाँ तुम मैं वहां,
जहाँ जाओगी ,पाओगी मुझे वहां|
 
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