About Ritu Jain!

New Delhi, India
I am Ritu Jain,48 years and happily married . I live in Delhi. A Housewife who is a Psychology Hons. Graduate and wants to bring cheer and smile to every person who does not have one.Being creative is my lifeline. I am very happy today that I have launched my own Blog, to share my poems,thoughts,experiences and various colors in my life.

Sunday, November 7, 2010

We keep achieving goals without really spending any moments appreciating our acquisitions.
उलझनें कैसी हैं ये,
जो सुलझ के भी सुलझती नहीं,
मुश्किलें कैसी हैं ये,
जो हटकर भी हटती नहीं,
रिश्ते कैसे हैं ये,
जो दूर रहकर भी दूर होते नहीं,
न जाने,कैसा सम्बन्ध है,
आंसूओ  का इन आँखों से,न दुःख में
न सुख में,इक दूजे से जुदा होते नहीं|

Saturday, November 6, 2010

सब तरफ रौशनी है,
सब तरफ खुशियाँ हैं,
सब तरफ उमंग है,
सब तरफ प्यार की झंकार है,
हर किसी के मन में आशाओं के दीप,
जलाने वाला,ये दीपावली का त्यौहार है|

Friday, November 5, 2010

Happy Diwali To All!

Thursday, November 4, 2010

हो अँधेरी रात कितनी,
पर दिया जलाना कहाँ मना है,
आँखों में हो कितने आंसू,
पर मुस्कुराना कहाँ मना है,
जीवन की डगर पर,न मिले किसी का साथ,
पर अकेले ही,हिम्मत से आगे बढना कहाँ मना है|

Wednesday, November 3, 2010

खुद में ईश्वर को ढूँढना,ध्यान है,
दूसरों में ईश्वर को देखना,प्रेम है,
सर्वत्र ईश्वर का दिखाई देना,ज्ञान है|

Tuesday, November 2, 2010

An act of love,no matter how great or small,is always appreciated.

Monday, November 1, 2010

खुद अपना आकाश बनाएं,
उसे अपने सूरज,चाँद और तारों से सजाएं,
दूर करें मन से,अज्ञान के अँधेरे
गिले-शिकवे की दुनिया से दूर,
हम आगे बढें,जीवन की डगर पर
एक नए उल्लास से तय करें,जीवन का बाकी सफ़र|

Sunday, October 31, 2010

A man should never be ashamed to own he had been in the wrong,which is but saying,in other words,than he is wiser today than he was yesterday.

Saturday, October 30, 2010

छलकती  हुई आँखें देखो किसी की,
बिन पूछे समझने की कोशिश करना,
ये बेरुखी है,किसी अपने की
ये मौन सीभाषा है ,किसी टूटे हुए सपने की,
कुछ दबे हुए जज्बात हैं,
कुछ खोए हुए एहसास हैं,
ऐसी बातें हैं,जो हम कह नहीं पाए,
ऐसी बातें हैं,जो हम सह नहीं पाए,
कुछ अधूरी तमन्नाएं हैं,नादान दिल की,
कुछ हसरतें,ऐसी,जो कभी न हो सकी पूरी,
छलकती हुई आँखें..........
Be not be afraid of life.Believe that life is worth living,and your belief will help create the fact.

Friday, October 29, 2010

कभी खुद को,
गम के अंधेरों में डूबने मत देना,
सुबह होगी जरूर,
दिल को मज़बूत कर,उसका इंतज़ार करना,
जो डर जातें है,शीघ्र ही दुनिया के तूफानों से,
फासले बढ़ने लगतें हैं,मंजिलों से उनके|

Thursday, October 28, 2010

रिश्तें की दास्ताँ है,एक
अंतहीन पीड़ा,
रिश्तों की दास्ताँ हैं,एक
अनबूझी पहेली,
रिश्ते निभाना कला है,एक
जिसे निभाना,कम नहीं एक सजा से,
कोई भी बच नहीं सका है इन रिश्तों के जंजाल से,
हंसकर या रोकर,वो छूट नहीं पाया,इनके मायाजाल से|

Tuesday, October 26, 2010

बहुत प्यार और सम्मान 
मिला है आपसे,
अच्छे ढंग से जीवन जीने को,
उत्साह मिला है आपसे,
मन में उठने वाले हर सवाल का,
हल मिला है आपसे,
दुआ करते है आज,आपकी खुशहाल जिंदगी की,
कुछ भी हो,कभी रब न रूठे आपसे|

Monday, October 25, 2010

We should count  our happiness by the moments in which we make others happy.

Sunday, October 24, 2010

जिंदगी का रुख मोड़ सकतीं है,
कुछ शिकवे,कुछ शिकायतें
जीवन का ढंग बदल सकतीं हैं,
कुछ बेरुखी,कुछ रुस्वाइयां
इंसान की सोच बदल सकतीं है,
थोड़ी सी सहनशक्ति,और कुछ मुस्कुराहटें|
The easiest way to find happiness is to quit complaining.

Saturday, October 23, 2010

सम्हालकर रखा है,आँखों में
हर  ख्वाब तुम्हारा,
आबाद रखा है,दिल का हर कोना
बसा है,जिसमें प्यार तुम्हारा,
उम्मीदे और तमन्नाएं खेलतीं हैं,
उन यादों से,जिनपर हक हैसिर्फ तुम्हारा,
आ जाओ उन अतीतके झरोखों से निक़ल,
जिनमें,वाबस्ता है,प्यार तुम्हारा|

Friday, October 22, 2010

Sometimes all a person needs is a hand to hold and a heart to understand.

Thursday, October 21, 2010


नित नए करतब देखता है  वो,
अपनी ही बनाई कठपुतलियों का,
किसी में भरा है,छल-कपट,
तो कोई है,नम्रता से भरा,
कोई,दूसरों की हर पल कर रहा मदद,
तो कोई किसी का जीना दूभर कर रहा,
हर प्राणी,है दूसरे से जुदा,
कोई प्रेम बाँट रहा,तो कोई नफरत से भरा,
कर रहा पुण्य कोई,लेकर हर पल प्रभु का नाम,
कोई,हर पल पाप कमा रहा,भूलकर ऊपरवाले का नाम|

Wednesday, October 20, 2010

We always like those who admire us,we do not always like those whom we admire.

Tuesday, October 19, 2010

काश हम परिंदे बन उड़ पाते,
दूर आसमानों में,
इस निर्मोही  दुनिया से दूर,
काश हम बादल बनकर,
आसमानों में छा पाते,
देने को राहत,झुलसी हुई धरती को,
काश,हम इन्द्रधनुष बन रंग बरसाते,
इस  धरती के हर कोने को रंगीन बनाते|
Never think that you already know all.However highly you are appraised,always have the courage to say to yourself I am ignorant.

Sunday, October 17, 2010

उसकी आँखों से छलकती हुई
ख़ुशी का कोई पारावार न था,
कैसे  कह दे,
उस ख़ुशी से हमारा कोई सरोकार न था,
कभी हमारी खुशियों की वजह वोह थे,
आज उनकी खुशियों की वजह हम हैं,
दूर होने का गम तो रहेगा सदा,
पर संतोष है इस बात का,
आखिर मिल ही गया,जो आपका था सदा|
Happy Birthday Dad!
 
Clicky Web Analytics