तुम्हारे आने का संकेत,दे रहीं
है,ठंडी हवाएं अंगडाइयां ले-लेकर,
तुम्हारा पता बता रहीं है,
वर्षा की बूँदें,बरस-बरसकर,
तुम्हारे आगमन का सन्देश,
फूल दे रहें है,खिलकर और महककर,
हमारा मन चहक रहा है,पर इंतज़ार में
तुम्हारे,आँखें थक चुकीं,बरस-बरसकर|
"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
New Delhi |