About Ritu Jain!

New Delhi, India
I am Ritu Jain,48 years and happily married . I live in Delhi. A Housewife who is a Psychology Hons. Graduate and wants to bring cheer and smile to every person who does not have one.Being creative is my lifeline. I am very happy today that I have launched my own Blog, to share my poems,thoughts,experiences and various colors in my life.

Tuesday, April 21, 2009

Every unpleasant experience is a package which hides a wealth of wisdom and strength.
ठान ले मन में ,गर ,तो क्या नहीं कर सकता इंसान
ज़मीन तो क्या ,हौंसलों से अपने वो छू सकता है आसमान
हार को अपनी ,जीत में बदल सकता है वो,
हर शूल को डगर से हटा कर चल सकता है वो,
सूझ -बूझ से वैर को बदल कर प्रेम में ,
इस धरती की शक्ल-सूरत बदल सकता है वो।

Monday, April 20, 2009

किसी न किसी बन्धन ने बाँध रखा है ,हर आदमी को
बचपन से लेकर ,बुढापे तक
जीवन को भी ,और मृत्यु को भी ,
शायद, मरने पर ही छूट पाता है ,
रिश्तों के जाल से, मुक्त हो पाता है,
जीवन के जंजाल से ।
नियम पूर्वक चलता चक्र प्रकृति का,
आती बदल -बदल कर ऋतुएं सारी ,
सूरज और चाँद भी छुप जाते ,
खेलकर अपनी -अपनी पारी ,
दिन के शुरू होने पर ,करने लगते सब काम ,
रात होने पर ,सो जाती ये दुनिया सारी ।

Sunday, April 19, 2009

There is no substitute for hardwork.
Sometimes a smile can be like a drop of water in a desert.
To love abundantly,is to live abundantly
And to love forever,is to live forever.

Saturday, April 18, 2009

कहने को तो ,जीवन सुख-दुःख का मेला है ,
पर हर इंसान यहाँ बिल्कुल अकेला है ,
सब गिले शिकवे करने वालों से दूर भागते हैं
इस लिए हम हँसते रहे ,और सबको हँसाना चाहा ,
दोस्त ,तेरी मुहब्बत के सिवा हमने कुछ न पाना चाहा ।
प्रभु ,आपने मुझे जो भी दिया है ,
मैंने उसे प्रसन्न होकर स्वीकार किया है ,
आप तो सदा कृपा बरसाते रहे अपनी,
मैं ही अज्ञानी हूँ ,जो हरक्षण भूल जाती हूँ ,
क्षणभंगुर जीवन कहानी अपनी ।
छोटी सी तकलीफ से मन हो जाता है व्यथित ,
हरि कृपा मानकर ,
सुखों की तरह तुम ,सदा दुखों का भी करो स्वगत ।
Excellent Actions-
To gladden the heart of a human being,to feed the hungry,to help the afflicted,to lighten the sorrow of the sorrowful and to remove the wrongs of the injured.
When you run so fast to get somewhere
You miss half the fun of getting there.
When you worry and hurry through your day,
It is like an unopened gift....thrown away.
Do take it slower,hear the music,
Before the song is over.

Friday, April 17, 2009

हर कोई ढूंढता है,जीने के लिए सहारे ,
जियोगे क्या ,यदि तुम ख़ुद से हारे ,
लगन ,धैर्य ,और ख़ुद पर विश्वास से ,
ढूँढनी होगी ,जीवन में कोई दिशा ,
नहीं तो ,
करते रहोगे सदा दूसरों से गिला । ।

मन चंचल है,शीघ्र ही होने लगता है विकल,
दंग रह जाती हूँ ,मैं देख कर इसकी उमंग ,
शुक्र है,डोर है दीनानाथ के हाथ में ,
इस पतंग रुपी जीवन की ,
क्या हाल होता मेरा यदि,तुम न होते साथ में ।
काम शुरू करनेवाला हर व्यक्ति विजेता होता है ।
If our thoughts are pure,if our aspirations are high,we become beautiful within.

Thursday, April 16, 2009

Life is not measured by the number of breaths we take,but by the moments that take our breath away.
याद कभी तो आती होगी मेरी ,तुम्हे
कभी तो पुकारते होंगें साथ बिताये हुए लम्हे
एक मीठी सी कसक,बादल जगाता होगा कड़क कर ,
गुदगुदी सी कर जाती होगी ,ठंडी हवा तुम्हे छूकर
याद कभी तो .......
दिल की धडकनों में तुम,
मेरे हर ख्वाब में तुम,
ज़िन्दगी की हर ख्वाइश में तुम ,
आसमान के तारे ,की तरह
दूर बहुत दूर हो तुम,फिर भी
दिल के बहुत करीब हो तुम।
गैरों के लिए,अपनों को छोड़ देते हैं कुछ लोग ,
आशिआना अपना बनाने को ,
घर किसी और का तोड़ देते हैं कुछ लोग ,
प्यार किसी का पाने को ,
दिल किसी और का तोड़ देते हैं कुछ लोग ,
आंसू भरकर ,आंखों में किसी की ,खुशियाँ ,
अपने जीवन में ढूँढ़ते हैं ,कुछ लोग।
पीड़ा देकर दूसरों को ,मिलती है केवल पीड़ा
न जाने क्यो नहीं ,समझना चाहते कुछ लोग, ,

हे प्रभु,कभी-कभी रोने लगती हूँमैं ,याद करके तुझे,
देखकर दुनियावालों के रंग,हाथ जोड़कर ,
सदबुद्धि देने को उन्हें,फरियाद करने लगती हूँ मैं ।

Wednesday, April 15, 2009

बचपन में कहानियाँ सुनकर ,नींद बहुत प्यारी
आती थी ,
कभी परियों की,तो कभी राक्षसों और जानवरों की,
अब तो बदल चुका है ,सब कुछ,
लुप्त हो गई परियां ,नाच रहे सब ओर, राक्षस और जानवर,
बेबस हो गया ,है जन मानस
सहमे सहमे से है कदम,अपराध का है बोलबाला हर तरफ़
Father we thank thee,for the night,
and for pleasant morning light,
for rest and food ,and loving care,
and all that
makes ,theday so fair.
It is not by running away from the world that you will change it.It is by working there,modestly,humbly but with a fire in the heart,something that burns like an offering.
You can never give a good advice to anyone unless you are able to give it to yourself first,and to follow it.
 
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