**Ritu Jain**
"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Friday, November 18, 2011
कम पड़ने लगा,
आंचल धरती का,
छोटी लगने लगी,
विशाल छत आसमान की,
उसके दुःख के आगे तो,
हरियाली भी फीकी दिखने लगी,कायनात की,
उसके मासूम से चेहरे पर,
मायूसी थी,निराशा थी,और
आँखों में बेरुखी थी,सारे जहां की|
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