Saturday, July 16, 2011

आसमान की रौनक है,
परिंदे,
आसमान की रौनक हैं,
सूरज-चाँद-तारे,
हमारे सपनें भी पलभर में,
छूने लगते आसमान,
न जाने कितनी,
ख्वाहिशों,उम्मीदों और अरमानों का,
घर है ये,विशाल आसमान|