Tuesday, July 19, 2011

सागर का किनारा हो,
मेरे हांथ मे हाथ, तुम्हारा हो,
शीतल चांदनी हो,चाँद की
और होठों पर नाम तुम्हारा हो,
कभी न खत्म होने वाली,फूलों की कतारें हो,
मेरे दिल और मेरी हर सांस पर सिर्फ, अधिकार तुम्हारा हो|

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