Monday, November 15, 2010

सूरज का नित आना,
चंदा का नित जाना,
बदलकर,अपनी-अपनी पारी,
गर्मी और बरसात के बाद,
सर्द हवाओंने कर रखी है तैयारी,
पक्षी नित,अपने घोंसलों से 
विभिन्न दिशाओं में उड़ जाते,
दाना-पानी दूंढ़कर,फिर वहीँ लौटकर आते|