Tuesday, October 19, 2010

काश हम परिंदे बन उड़ पाते,
दूर आसमानों में,
इस निर्मोही  दुनिया से दूर,
काश हम बादल बनकर,
आसमानों में छा पाते,
देने को राहत,झुलसी हुई धरती को,
काश,हम इन्द्रधनुष बन रंग बरसाते,
इस  धरती के हर कोने को रंगीन बनाते|
Never think that you already know all.However highly you are appraised,always have the courage to say to yourself I am ignorant.