**Ritu Jain**
"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Sunday, October 17, 2010
उसकी आँखों से छलकती हुई
ख़ुशी का कोई पारावार न था,
कैसे कह दे,
उस ख़ुशी से हमारा कोई सरोकार न था,
कभी हमारी खुशियों की वजह वोह थे,
आज उनकी खुशियों की वजह हम हैं,
दूर होने का गम तो रहेगा सदा,
पर संतोष है इस बात का,
आखिर मिल ही गया,जो आपका था सदा|
Happy Birthday Dad!
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