Monday, June 28, 2010

कैसे अजीब होतें हैं,ये रिश्ते
कभी बेवजह हँसते हैं,
तो कभी रोतें हैं बेवजह,
कभी इनसे आने लगती है,ठंडी हवा
तो कभी,देने लगतें हैं,असहनीय गर्म हवा,
बदलने लगतें हैं,पल भर में ही,
नए मुखौटे पहनकर,करने लगतें हैं,
अच्छे- भले जीवन को बेमजा|
A man is wealthy in the proportion  in which his wants and desires decrease.
The right way o live is to move forward and greet every experience-pleasant or painful-with a grateful heart.
मन की तृप्ति,हो जाती है
सूर्य को उदय होते देख,
मन को संतुष्टि मिल जाती है,
खिलते हुए फूल को देख,
मन खिल उठता है,
पत्तों पर ओस की बूंदों को देखकर,
पावन हो जाता है,तन-मन
सूर्य की किरणों को,पवित्र करता देख,
धरती का कण-कण|