Friday, May 21, 2010

सागर के मोंती से भी अनमोल है,
गर कुछ,तो वो तुम हो,
फूलों से भी कोमल हृदय है,
जिसका,वो सिर्फ तुम हो,
विशाल अम्बर से भी,ज्यादा असीमित 
प्रेम है जिसका,वो सिर्फ और सिर्फ तुम हो|