Think positively about your difficulty.Believe that you can overcome it.This way you will be on the way to victory.
Monday, March 1, 2010
जल कहो,नीर या पानी,
इसकेबिना कहाँ है जिंदगानी,
बिन पानी,जीव-जन्तु सब हैरान,
इसके बिना शीघ्र ही इंसान होने लगता परेशान,
पानी से चलती,हमारी साँसों की डोरी,
बादल जल न बरसाए,तो त्राहि-त्राहि करने लगता इंसान,
पानी बिन लगते फीके,छप्पन भोग,बढ़िया से बढ़िया पकवान,
बिन पानी सूने है,खेत-खलियान,नदियाँ,पेड़-पौधे,
पानी की महिमा है,न्यारी,
निर्लज को भी चाहिए,डूबने को चुल्लू भर पानी,
जल कहो,नीर या पानी...........