Tuesday, February 9, 2010

किसी ने कुछ माँगा अपने लिए,
रब से,
किसी ने कुछ माँगा दूसरों के लिए,
रब से,
पर हमने तो,चाहा सदा तुम्हे,
और माँगा है सदा,अपने लिए,
तुम्हे,रब से|
Beauty,love,compassion,benevolence,reason and order help us embrace with equal ease all things great and small.
इच्छाएँ  मन की ऊंची उड़ान है,
जीवन कभी धूप,कभी छाँव है,
निराशा इंसान के मन की थकान है,
प्रेम एक सुखद एहसास और इंसान की पहचान है,
मौत,
एक सपना है,खुली आँखों से दूसरे की,
बंद आँखों से अपना है|