Thursday, January 21, 2010

तेरे लबों पर एक मुस्कान देखने के लिए,
न जाने अपने दिल पर कितने सितम किये हमने,
तेरी आँखों में ख़ुशी की झलक देखने के लिए,
अपने कितने सपने कुर्बान किये हमने,
खुदा से अपने लिए कभी कुछ माँगा नहीं,
बस सारी दुआएं आपके लिए मांगीं हैं हमने|

सच्चा धर्म दिखावे और आडम्बर का नाम नहीं है,बल्कि मानव-सेवा और त्याग-भावना द्वारा दीन-दुखियों के आंसू पोछने और प्यार बांटने का नाम है|

अरमानों की किश्ती को,
हौसले और हिम्मत की पतवार से खेते रहो,
सदा आनंद से जीने के लिए,
दूसरों को अपना प्यार और अपनापन देते रहो,
जो कुछ दिया है,ऊपरवाले ने,
उसे उसकी कृपा का प्रसाद मानकर ग्रहण करते रहो|