**Ritu Jain**
"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Thursday, January 7, 2010
कभी गर्मी,तो कभी सर्दी,
सावन आया,फिर पतझर
न जाने कितने मौसम आकर
अपनी-अपनी सौगातें देकर चले गए,
बस एक ही आरज़ू है इस दिल की,
तुम्हारे प्यार की सतरंगी धुनें,सदा
हर मौसम में बजतीं रहें,
सदा यूंही, हमारे जीवन को मह्कातीं रहें|
परिश्रमी और धीर व्यक्ति को संसार में कुछ भी अपाप्य नहीं है|
जिंदगी आज ख़त्म हो जाए,
हमें कोई गम नहीं,
क्योंकि हम जान चुके हैं,की
हम किसी से कम नहीं,
हमने जीवन में ,
जो चाहा,वो पाया है,
वो और बात है की,
हमें अपनों ने बहुत सताया है|
माता-पिता,गुरु और पीड़ितों की यथाशक्ति जीवनपर्यन्त सेवा करनी चाहिए|
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