Wednesday, September 22, 2010

बादलों ने बरस-बरसकर,
मचा दिया है,चारों ओर हाहाकार,
घनघोर वर्षा का ऐसा बरपा है कहर,
हर दिशा से,परेशान लोग कर रहे पुकार,
इंद्रदेवता,के प्रकोप से सब हैं बेहाल,
कृपा करो,दुखियों के दुःख,दूर करो दीनदयाल|

2 comments:

  1. अब तो अति हो गई....अब तो पानी थमना ही चाहिए...
    http://veenakesur.blogspot.com/

    ReplyDelete
  2. अच्छी पंक्तिया ........

    पढ़े और बताये कि कैसा लगा :-
    (क्या आप भी चखना चाहेंगे नई किस्म की वाइन !!)
    http://thodamuskurakardekho.blogspot.com/2010/09/blog-post_22.html

    ReplyDelete