Thursday, August 5, 2010

चाँद ने देकर अपनी शीतलता,
चाँद ने देकर अपनी रौशनी,
अँधेरी रात को जैसे जीवन दे दिया है,
हवाओं ने देकर,ठंडक,
मौसम को मस्ती से सरोबार कर दिया है,
फूलों ने खिलकर,उपवन को सुन्दरता से भर दिया है,
प्रभु ने हम सब पर अपनी कृपा बरसाकर,
हमारेजीवन को सार्थक कर दिया है|

2 comments:

  1. बहुत सुन्दर शब्द चित्र खींचा है। सुन्दर रचना है बधाई।

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