**Ritu Jain**
"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Friday, July 9, 2010
कभी-कभी साँसों की अंतहीन सी
डोर लगने लगती है,जिंदगी,
कभी-कभी चंचल समुद्र की लहरों
से भी चंचल प्रतीत होती है,जिंदगी,
मन जब प्रसन्न होता है,तो छोटी
मन जब उदास होता है,तो बहुत लम्बी
लगने लगती,है ये जिंदगी|
1 comment:
संगीता पुरी
Friday, July 9, 2010 at 8:32:00 PM GMT+5:30
जिंदगी तो लंबी होती ही है !!
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जिंदगी तो लंबी होती ही है !!
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