"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Monday, June 28, 2010
मन की तृप्ति,हो जाती है
सूर्य को उदय होते देख,
मन को संतुष्टि मिल जाती है,
खिलते हुए फूल को देख,
मन खिल उठता है,
पत्तों पर ओस की बूंदों को देखकर,
पावन हो जाता है,तन-मन
सूर्य की किरणों को,पवित्र करता देख,
धरती का कण-कण|
बहुत बढ़िया.
ReplyDeleteसुन्दर विचार की सुन्दर भाव की रचना
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