Tuesday, June 22, 2010

तुम्हारी मनमोहक मुस्कान देखकर,ऐसा लगा
जैसे हर सपना जो इन आँखों ने देखा था,
तुम्हारे लिए,वो सच हो गया,
तुम्हे खुश देखकर ऐसा लगा,जैसे बरसों की 
मेहनत हमारी व्यर्थ नहीं हुई,
माझी की नाव भी किनारे लग जाएगी,
संतोष है तो इस बात का,
तुम्हे अपनी मंजिल मिल ही गई|

3 comments:

  1. बहुत अच्छे भाव हैं बधाई हो मंजिल मिल जाये और क्या चाहिये। शुभकामनायें

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