न जाने किस तरह बीत गए जीवन के ये दिन
हर जगह मिलता गया एक प्यार भरा संसार
जीवन की कड़वाहट से वंचित केवल सौंदर्य से रचित
तुलिका के अनेक रंगों में समाकर रहे गया हैं ये जीवन
व्योम में उडती, संसार में बहती, पर्वतो पर विचरती
खेतो और खुतियो में बसी, ये भोली जिंदगी
बहती जा रही हैं एक अविरल सरिता की तरह
बस एक ध्येय, एक स्वपन, एक कल्पना, एक लगन
अनेक अनुभूतियो और यदौं को समेटे, बढता जा रहा हैं ये जीवन,,,
wah re jeevan!
ReplyDeletelove from little sis