Friday, March 5, 2010

शाम होते ही,पंछी अलविदा कहकर,
अपने-अपने घोंसलों की ओर जाने लगे,
आकाश में,चाँद और तारे आँख-मिचौली खेलने लगे,
तुम्हे याद करके,मेरे दिल के तार झनझनाने लगे|

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