आकाश के झिलमिलाते तारे,लगतें हैं बहुत प्यारे,
चमकते हुए चाँद ने,अँधेरी रात को बना दिया जवाँ,
सुबह सूरज ने आकर,कर दिया रोशन सारा जहां,
नदियाँ खुश हैं,जानते हुए,कि उनके दोनों किनारे मिलेंगे कहाँ,
ये तो अपनी-अपनी किस्मत कि बात है,कोई कहाँ तो कोई कहाँ|
bilkul sahi koi kahan-koi kahan?
ReplyDeletelove from little sis