Saturday, February 20, 2010

दिल को बेचैन कर देती है,
बेरुखी तुम्हारी,
हमें चैन से जीने नहीं देती,
नाराजगी तुम्हारी,
हमसे क्यों आँखें फेर लेती हैं,
नज़रें तुम्हारी,
न जाने क्यों,तुम्हारे प्यार के बिना,
मुरझाने लगती है,दिल की बगिया हमारी|

2 comments:

  1. न जाने क्यों,तुम्हारे प्यार के बिना,
    मुरझाने लगती है,दिल की बगिया हमारी|nice

    ReplyDelete
  2. I never heard the "nadiya song" from you but this one is simply great!
    love from little sis

    ReplyDelete