आज नववर्ष फिर आया है,अपने साथ स्वर्णिम किरणें लेकर,
वे सब आशाएं हैं,जो करवटें लेती हैं,हर दिल में
उनको पा लेने की खातिर,करना होगा 
हमें कर्म निरंतर,
सत्य,संकल्प,निष्ठां लेकर,आज नववर्ष फिर आया है.......

There is no path as steep as that of fame,no labour so hard as the pursuit of excellence.

फूल प्रकृति की उदारता का दान है|उसके सूंघने से हृदय पवित्र होता है,मेधा शक्ति बढती है और मस्तिष्क तेज़ होता है|