Sunday, December 13, 2009

कभी किसी गरीब की झोंपड़ी में 
तो झांककर देखो,
कुछ पल के लिए ही सही,उसके 
दुःख-दर्द उधार लेकर देखो,
उसकी गरीबी से बोझिल आँखों,की
बेबसी को महसूस करने की सोचो,
उसके फटे पैबन्दों से,उनकी हताश
जिंदगी की विवशता को समझो,
कभी सच्चे मन से,किसी गरीब-जरूरतमंद
के काम आकर तो देखो,
कभी किसी गरीब की झोंपड़े.....

Conversations are a important way of building relationships,they could be silent or expressed vocally.
सागर की गहराई से भी गहरी हैं तुम्हारी आँखें,
जिनमें हमें प्यार के सिवा कुछ दिखाई नहीं देता,
क्या करें,दिल ने हमारे हमें कर दिया  इतना मजबूर,
अनगिनत चेहरों में,तुम्हारे चेहरे के सिवा कोई दिखाई नहीं देता|
Kind words can be short and easy to speak,but their echoes are truly endless.