Friday, December 11, 2009

दोस्ती सच्ची हो गर,तो
वरदान बनकर जीवन संवारती है,
दोस्ती,इंसान की पहचान बनकर,
उसे न जाने कितनी मुश्किलों से उबारती है,
सच्चे दोस्त तो,दिल की गहराइयों में उतरकर,
दर्द सभी,मिटाने का दम रखते हैं,
वो तो जीवन में,अनमोल हीरे-मोतियों की तरह 
झिलमिलाकर,रोशन दिल का गुलशन करते हैं|



Sometimes pleasant memories of the past,give strength to face the present.
विपत्ति में भी जिसकी बुद्धि कार्यरत रहती है,वही धीर है|

आदमी को अपने को धोखा देने की शक्ति दूसरों को धोखा देने की शक्ति से कहीं अधिक है|इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण हरेक समझदार व्यक्ति है|