Sunday, November 1, 2009

पंछियों का हौसला होता है ,बहुत ही बुलंद 
वो हिम्मत रखते हैं,टकराने की तूफानों से,
एक गहरा नाता होता है,पंछियों का आसमान से,
मन होता है ,भरा प्रेम और निश्चलता से,
हम चाहें तो,सीख सकते हैं कितना कुछ उनसे,
बिना डरे,निकल पड़ते हैं आसमानों की बुलंदियां छूने |

Apply a full-spot to unproductive thoughts,feelings and actions of yesterday,so that not a trace of them remains.
रात गहरी होने लगी ,तारे 
आँख-मिचौनी खेलने लगे आसमान में,
चाँद अपनी चांदनी बिखेरने लगा जब,
याद तुम्हारी,ख्वाहिशें जगाने लगी मन में,
वक़्त ने बदली है,करवट नई,
फिर से ख़ुशी लहराने लगी,तन-मन में|