"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Friday, September 4, 2009
सावन की घटाएं बरसी हैं जमकर, प्यासी धरती पर, प्रकृति झूम उठी,देख कर प्रसन्न , हरि-भरी धरती को, छुप कर देख रहे तारे,दूर गगन से , भीगी हुई धरती को, चंदा भी मुस्कुराकर निहार रहा, पावन निर्मल धरती को।
Hope enhances our capacity to live,work and transform ourselves within an insecure,unstable environment.