Friday, August 21, 2009

तुम्हारे साथ बिताये हुए पल जब भी,
याद आते हैं मुझे,
बहुत सी खुशी देकर जातें हैं मुझे,
तुम्हारे संग हँसना-खिलखिलाना,
कभी तुमसे रूठना,कभी तुम्हे मनाना,
मैं जब भी याद करती हूँ तुम्हे,
तार बजने लगतें हैं दिल के,
बस यही दुआ है,
तुम्हारा जीवन बीते बिना किसी मुश्किल के।
Instead of changing out of a sense of deprivation and guilt,it is better to be motivated by feelings of love, joy and giving.