Sunday, June 28, 2009

Ninety-nine percent of the failures come from people who have the habit to make excuses.
कितनी बेबस ,कितनी लाचार ,
होती है अपाहिजों की ज़िन्दगी,
न कोई रंग, न कोई उमंग,
अंतहीन पलों की मोहताज ज़िन्दगी,
दूर होकर सूरज की रोशनी से,चाँद
और तारों से,कितनी कठिन है ज़िन्दगी।
खोकर बहुत कुछ ,सीखा है हमने,
पाकर बहुत कुछ,खोया है हमने,
दामन छोडा नहीं उम्मीदों का हमने,
बहुत से दुखों को आँसू बन बहने दिया है,
खुशी में दूसरों कि सदा,ख़ुद को शामिल किया है।