Sunday, June 21, 2009

The ability to make others happy is the greatest blessing of God.
पीर अपनी होती है बड़ी दुखदायी ,
विरले है ,वो लोग जिनके ह्रदय को,
दूसरों की पीर भी छू पाई ,
सच तो ये है ,निकलता है नाम
प्रभु का ,
जब कष्ट में होते हैं हम ,
दूर होते है ,दुःख सभी
जब औरों के लिए रोते हैं हम।
One of reasons of our unhappiness is that,we always perceive others mistakes without seeing our own.
हमे अक्सर सताती हैं,बचपन की यादें,
अपने संगी-साथियों के संग ,बतियाते
बिताये ,अनगिनत दिन और रातें ,
वो बारिश में ,कागज़ की नांव बहाना ,
गुड्डे -गुडियों का ब्याह रचाना,
बागों में रंग-बिरंगी तितलियों को पकड़ना ,
न रिश्तों का बन्धन ,न कोई फ़िक्र ,न परेशानी,
वो अल्हड सा जीवन ,वो सावन के झूले,
वो चाँद को मामा कहकर बुलाना ,हम आज तक न भूले,
वो बचपन की मौज-मस्ती कैसे कोई भूले.