Friday, June 5, 2009

Minds are like parachutes ,they function only when they are open.
कोई रोक नहीं सकता ,
फूलों को खिलने से,
कोई नहीं रोक सकता,
हवा को चलने से,
कोई कैसे रोक सकता है ,
सूरज की किरणों को,
धूप बन के बिखरने को,
चंदा की चांदनी को ,
शीतलता प्रदान करने को,
कोई नहीं रोक सकता ,
प्रकृति के रंगों में ,बरसती
ईश्वर की कृपा को।