Monday, May 4, 2009

खुशियाँ बहुत दी है ,प्यार ने तुम्हारे,
तुम्हारे लिए सदा दूआएं ,ही
निकलेंगी दिल से हमारे ,
मझधार में ही रह जाते ,
गर न मिलता प्यार तुम्हारा।
आसमान से उतारी ,तारों से सजाई ,
फूलों से महकाई ,चांदनी से नहलाई ,
दोस्ती हमारी सम्हाल के रखना ,
दिल में अपने ,ये तो है,
हमारे जीवन भर की कमाई।