Friday, April 17, 2009

हर कोई ढूंढता है,जीने के लिए सहारे ,
जियोगे क्या ,यदि तुम ख़ुद से हारे ,
लगन ,धैर्य ,और ख़ुद पर विश्वास से ,
ढूँढनी होगी ,जीवन में कोई दिशा ,
नहीं तो ,
करते रहोगे सदा दूसरों से गिला । ।

मन चंचल है,शीघ्र ही होने लगता है विकल,
दंग रह जाती हूँ ,मैं देख कर इसकी उमंग ,
शुक्र है,डोर है दीनानाथ के हाथ में ,
इस पतंग रुपी जीवन की ,
क्या हाल होता मेरा यदि,तुम न होते साथ में ।
काम शुरू करनेवाला हर व्यक्ति विजेता होता है ।
If our thoughts are pure,if our aspirations are high,we become beautiful within.