**Ritu Jain**
"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Wednesday, April 8, 2009
शूल
से
लगते
हैं
ये
पलछिन्
तुम्हारे
बिना
,
जैसे
हर
खुशी
अधूरी
सी
है
तुम्हारे
बिना
,
तन्हाइयों
से
भरा
है
जीवन
तुम्हारे
बिना
,
सागर
की
लहरें
भी
उदास
सी
हैं
तुम्हारे
बिना
,
मेरे
कदम
न
उठते
हैं
न
चलते
है
तुम्हारे
बिना
|
पंछियों
का
हौंसला
होता
है
बुलंद,
वे
हिम्मत
रखते
हैं
टकराने
की ,
किसी
भी
तूफ़ान
से,
पंछियों
का
गहरा
नाता
होता
है
आसमां
से,
पंछी
आते
हैं
दूर
गगन
से,
पंछी
छिप
जाते
हैं
दूर
गगन
में|
Speech is silver,but Silence is golden.
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